प्रभावित रेलखंडों बुढार-सिंहपुर-शहडोल में लगातार निगरानी, पेट्रोलिंग, एम्बुश और स्थानीय मुखबिर तंत्र के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह के तार दिल्ली के कई कबाड़ियों से जुड़े होने की बात सामने आई है।