प्रभारी मंत्री के यहां से 24 चहेते शिक्षकों की एक सूची जिला शिक्षा विभाग कार्यालय भेजी गई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर कार्यालय के कर्मचारियों ने इन नामों को सीधे पोर्टल पर फीड कर दिया। यानी जिन शिक्षकों ने सामान्य प्रक्रिया के तहत आवेदन भी नहीं किया था, उनके ट्रांसफर हो गए।