सामान्य दिनों में जया आरोग्य अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना आठ से 10 मरीज आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 15 से 20 तक पहुंच गई है।