आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गोवा दौरे के दौरान राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गोवा के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार की जरूरत है। केजरीवाल ने घोषणा की कि अगर गोवा में उनकी पार्टी की नीतियां लागू होती हैं, तो पंजाब मॉडल की तर्ज पर राज्य के हर परिवार को बिना किसी पात्रता शर्त के सालाना 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सभी लोगों को बेहतर और मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस दौरान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, गोवा के पार्टी विधायक वेन्जी वेगास, क्रूज सिल्वा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। गोवा की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप: केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गोवा की 90% आबादी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है, क्योंकि निजी अस्पतालों में इलाज आम आदमी की पहुंच से बाहर है। उन्होंने कहा- "गोवा में वर्तमान में केवल एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (GMC) है, जहां भारी भीड़ रहती है, बेड के लिए सिफारिशें लगानी पड़ती हैं और दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। वहीं, दक्षिण गोवा जिला अस्पताल और पोंडा के अस्पतालों की हालत बेहद खराब है, जहां डॉक्टरों और बुनियादी उपकरणों (जैसे CT स्कैन और MRI) की भारी कमी है।" 'दीनदयाल स्वास्थ्य सेवा योजना' (DDSSY) को बताया असफल केजरीवाल ने गोवा सरकार की वर्तमान स्वास्थ्य योजना 'DDSSY' पर गंभीर सवाल उठाए और इसे पूरी तरह विफल (Dysfunctional) करार दिया। उन्होंने इसके 4 मुख्य कारण बताए- कम बीमा राशि: इसमें केवल 4 से 6 लाख रुपए का कवर मिलता है, जो गंभीर बीमारियों के लिए नाकाफी है। सीमित बीमारियां: इस योजना के तहत केवल 447 प्रक्रियाएं और बीमारियां कवर हैं, जिसमें मोतियाबिंद (Cataract) और पेट स्कैन (PET scan) जैसी बुनियादी चीजें भी शामिल नहीं हैं। भुगतान में देरी: सरकार द्वारा निजी अस्पतालों को समय पर रीइम्बर्समेंट (भुगतान) नहीं दिया जाता, जिससे अस्पतालों ने इस कार्ड को स्वीकार करना बंद कर दिया है। पुरानी दरें: अस्पतालों को दिए जाने वाले रेट साल 2016 के नियमों पर आधारित हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी विफलता के कारण साल 2022-23 में जहां 2.95 लाख परिवारों के पास यह कार्ड था, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर मात्र 1.81 लाख रह गई है। लगभग सवा लाख लोगों ने इस योजना का लाभ लेना छोड़ दिया है। क्या है आम आदमी पार्टी का ‘पंजाब स्वास्थ्य मॉडल’ गोवा के मुख्यमंत्री से पंजाब की अच्छी प्रथाओं को अपनाने की अपील करते हुए केजरीवाल ने अपनी योजना की मुख्य विशेषताएं सामने रखीं- 10 लाख का मुफ्त बीमा: गोवा के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा, जिसमें कोई आय सीमा या पात्रता मानदंड नहीं होगा। 2350 से अधिक बीमारियां कवर: पंजाब की तरह इस योजना में 2 हजार 350 से अधिक बीमारियों और चिकित्सा प्रक्रियाओं को शामिल किया जाएगा, जो गोवा की वर्तमान योजना से छह गुना अधिक है। सभी बड़े अस्पतालों तक पहुंच: इस योजना के लागू होने से मनीपाल, विक्टर, गैलेक्सी और हेल्थवे जैसे राज्य के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित निजी अस्पताल भी गरीब से गरीब व्यक्ति की पहुंच में होंगे। समय पर भुगतान: अस्पतालों को 15 दिनों के भीतर नई और बाजार दरों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। भ्रष्टाचार खत्म कर जुटाया जाएगा पैसा, गठबंधन के लिए भी 'आप' तैयार प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब केजरीवाल से पूछा गया कि इस बड़ी योजना के लिए बजट कहां से आएगा, तो उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि गोवा का प्रति व्यक्ति (Per Capita) बजट बहुत अच्छा है। अगर सरकार में जारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए, तो न सिर्फ 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, बल्कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं आसानी से लागू की जा सकती हैं। उन्होंने घोषणा की कि यह स्वास्थ्य योजना अगस्त या सितंबर में लॉन्च होने वाले 'आप' के चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) का मुख्य हिस्सा होगी। गठबंधन पर रुख आगामी चुनावों में गठबंधन के सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि भाजपा को हराने के लिए आम आदमी पार्टी सैद्धांतिक रूप से (In Principle) गठबंधन के पक्ष में है। पार्टी की केंद्रीय कमान ने गोवा की स्थानीय लीडरशिप (वाल्मीकि नाइक और टीम) को अन्य दलों से बातचीत शुरू करने के लिए अधिकृत कर दिया है, और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।