लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से वायरल वीडियो की जांच कर संबंधित लोगों की पहचान करने तथा यदि पशु क्रूरता या अन्य कानूनों का उल्लंघन हुआ हो तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।