Solar Power Bank: लो बैटरी की समस्या आज लगभग सभी डिवाइसों के साथ देखने को मिल जाती है. स्मार्टफोन से लेकर लैपटॉप या टैबलेट तक, लोग डिवाइसेज को ज्यादा इस्तेमाल करते हैं जिससे अक्सर लो बैटरी की समस्या देखने को मिलती है. ऐसे में मार्केट में पावरबैंक लोगों के लिए एक बेहतर ऑप्शन माना जाता था. लेकिन अब सोलर पावर बैंक मार्केट में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. लेकिन क्या सच में सोलर पावर बैंक काम करता है या फिर ये एक दिखावा है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच.क्या है Solar Power Bankजानकारी के मुताबिक, Solar Power Bank एक नॉर्मल पावर बैंक की तरह ही होता है. इस डिवाइस में बस एक छोटा सा फर्क होता है. दरअसल, सोलर पावर बैंक के ऊपर छोटा सा सोलर पैनल लगा होता है. कंपनी दावा करती हैं कि ये डिवाइस सूरज की रौशनी से चार्ज हो जाता है. डिवाइस के ऊपर लगे पैनल से ये डिवाइस को चार्ज कर लेता है. हालांकि, इसकी चार्जिंग क्षमता पूरी तरह सोलर पैनल पर निर्भर नहीं होती.क्या धूप से चार्ज हो जाता है डिवाइसआपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्यादातर Solar Power Bank में लगे सोलर पैनल बहुत छोटे साइज के होते हैं. इसी वजह से ये बहुत धीमी गति से बैटरी को चार्ज करते हैं. कई मामलों में देखा गया है कि पूरी बैटरी को चार्ज करने में करीब 60 घंटे या उससे भी ज्यादा का समय लग जाता है. इसलिए अगर आप भी सोचते हैं कि धूप में फोन को रखकर अपना फोन चार्ज कर लेंगे तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है.सोलर पैनल का क्या फायदादरअसल, सोलर पावर बैंक के ऊपर लगे पैनल का सबसे बड़ा फायदा आपातकाल स्थिति में आता है. ये इसलिए दिया जाता है कि अगर बिजली सोर्स नहीं है तो इसे धूप में रख दें जिससे कुछ तो बैटरी धीरे-धीरे चार्ज हो सकेगी. इससे जरूरत पड़ने पर फोन में थोड़ी चार्जिंग मिल सकती है. इसीलिए ये चार्जिंग के लिए नहीं बल्कि एक बैकअप के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.इन बातों का रखें ध्यानअगर आप भी सोलर पावर बैंक खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपको भी इन चीजों का ध्यान रखना चाहिए.कम से कम 10,000mAh या उससे ज्यादा पावर वाले मॉडल को चुनें.USB-C फास्ट चार्जिंग और सेफ्टी फीचर्स जरूर देखें.अगर सोलर चार्जिंग आपके लिए जरूरी है तो बड़े और बेहतर सोलर पैनल वाले मॉडल पर विचार करें.यह भी पढ़ें:आपका Google Account है खतरे में? आज ही बदलें ये 5 जरूरी Settings नहीं तो बाद में पड़ेगा पछताना