इंडिया गठबंधन के 24 विपक्षी दलों के नेताओं ने सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं दबाव में हैं और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता कमजोर हुई है। नेताओं ने लिखा है कि जब सभी संस्थाएं विफल हो जाती हैं तो लोगों की आखिरी उम्मीद न्यायपालिका ही होती है। यदि वह भी समय पर दखल नहीं देगी, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति होगी। 28 जून को लिखा गया यह लेटर शुक्रवार को सामने आया। इस पर निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल समेत 24 विपक्षी दलों के नेताओं ने साइन किए हैं। लेटर में पश्चिम बंगाल और बिहार में SIR पर चिंता जताते हुए प्रक्रिया तुरंत रोकने की मांग की गई है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में हाल में हुए चुनावों में हेरफेर हुआ। पूरी SIR प्रक्रिया को सस्पेंड कर दिया जाए विपक्षी पार्टियों ने यह मांग भी की है कि पूरी SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को सस्पेंड कर दिया जाए और ऐसे समय में शुरू किया जाए जब अगला असेंबली चुनाव कम से कम पांच साल दूर हो। ताकि आयोग के प्रतिनिधि वोटरों के वेरिफिकेशन के लिए हर घर जा सकें, न कि दस्तावेज़ों पर आधारित उस प्रक्रिया को अपनाएं जिसे पहले कभी नहीं अपनाया गया। BJP ने कहा- यह लोकतंत्र को कमजोर करने की नाकाम कोशिश CJI को लिखे गए पत्र पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को कई अदालतें पूरी तरह वैध और उचित मान चुकी हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार समय-समय पर इस तरह की कवायद करते रहे हैं। BJP प्रवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में इस्तेमाल शैली और भाषा इमरजेंसी की याद दिलाती है। वे मामले की सुनवाई के दौरान एक बार भी अदालत में कोई ठोस तर्क पेश नहीं कर पाए हैं। भास्कर नॉलेज… इंडिया ब्लॉक की सबसे बड़ी चुनौती BJP नहीं… INDIA गठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती भाजपा नहीं, बल्कि इसके सहयोगी दलों के बीच राज्यों में सीधी चुनावी प्रतिस्पर्धा रही है। उदाहरण के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, वाम दल का मुकाबला तृणमूल कांग्रेस से रहा। पंजाब में भी कांग्रेस बनाम आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबला हुआ, तब AAP गठबंधन में शामिल थी। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF और CPI(M) के नेतृत्व वाले LDF का आमने-सामने चुनाव लड़ते देखा गया। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्तर पर साथ होने के बावजूद, कई राज्यों में INDIA के सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते रहे हैं। --------------------------- इंडिया ब्लॉक की मीटिंग से जुड़ी ये खबर पढ़ें… खड़गे बोले- CBSE-NEET गड़बड़ी पर शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें:SIR में करोड़ों वोटर के नाम काटे I.N.D.I.A. ब्लॉक की 2 साल बाद हुई 7वीं बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए थे। दिल्ली में हुई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल समेत कई नेता मौजूद रहे। वहीं उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअली जुड़े। मीटिंग के बाद खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था- 2 घंटे से ज्यादा चली बैठक में 5 मुद्दों पर सहमति बनी है। पढ़ें पूरी खबर…