बड़ी आबादी वाले कई देश फ़ुटबॉल के सबसे बड़े आयोजन में शामिल होने से लगातार चूक जाते हैं. अपने देश में फुटबॉल की किस्मत बदलने के लिए क्या उनका पास कोई रास्ता है?