बताया गया है कि, शुक्रवार को मातासूला गांव के प्राथमिक स्कूल में बच्चे अकेले ही बैठे थे, वहां कोई टीचर नहीं था, इस पर बच्चों के एक अभिभावक ने विरोध किया तो अपनी गलती मानने की बजाए एक टीचर ने सारी हदें पार करते हुए उल्टा अभिभावक को ही खरी-खोटी सुना डाली।