पेपरलेस गवर्नेंस की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भारतीय रेलवे ने अहम फैसला लिया है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल, प्रोडक्शन यूनिट्स और विभागों के बीच होने वाले तमाम पारंपरिक और कागजी पत्राचार पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी है।