बालोद जिले के गुरुर ब्लाक स्थित परसूली गांव में आधुनिक मशीनों के बीच भी पारंपरिक खेती की जीवंत तस्वीर देखने को मिली है। किसान अनिल कुमार साहू बैलों की मदद से खेत तैयार कर रहे हैं। यह दृश्य न केवल पुरानी कृषि परंपराओं को सहेजने का संदेश देता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण के अनुकूल खेती का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है।