जिले में जच्चा-बच्चा की मौत और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा भारी जन-आक्रोश आखिरकार एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के रूप में सामने आया है।