राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में हादसे का शिकार हुई इमारत में ज्यादातर छात्र केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हैं। लोगों ने बताया कि इमारत के हर कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे।