16वीं सदी से इस्तेमाल हो रहे दुनिया के नक़्शे की आलोचना इसलिए की जा रही है कि ये अफ़्रीका का आकार ग्रीनलैंड के बराबर दिखता है, जबकि यह उससे 14 गुना ज़्यादा बड़ा है.