भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वनडे टीम में वापसी का रास्ता खुल सकता है. भारत को 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है और इस सीरीज के लिए टीम चयन के दौरान शमी के नाम पर भी चर्चा हो सकती है. इसकी बड़ी वजह भारत के कई प्रमुख तेज गेंदबाजों का उस समय एशियन गेम्स के लिए जापान में होना है.एशियन गेम्स में होंगे भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजजापान में 19 सितंबर से एशियन गेम्स शुरू होने हैं. इसी दौरान भारतीय टी20 टीम इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी. भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा एशियन गेम्स की टीम का हिस्सा होंगे. वहीं 27 सितंबर से भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज शुरू होनी है. ऐसे में बुमराह, अर्शदीप और हर्षित के वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम का हिस्सा बनने की संभावना नहीं है. इससे चयनकर्ताओं को तेज गेंदबाजी विभाग में दूसरे विकल्पों की तरफ देखना होगा.सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार रेस मेंवेस्टइंडीज सीरीज के लिए तेज गेंदबाजों में मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार का नाम सामने आ रहा है. हालांकि चयनकर्ता अगर टीम में चार तेज गेंदबाज रखना चाहते हैं तो मोहम्मद शमी एक मजबूत विकल्प बन सकते हैं. शमी के पक्ष में सबसे बड़ी बात उनका अनुभव है. बुमराह की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम के पास तेज गेंदबाजी विभाग में अनुभव के ज्यादा विकल्प मौजूद नहीं होंगे. ऐसे में शमी की वापसी टीम के पेस अटैक को मजबूती दे सकती है.यह भी पढ़ें- BCCI कब लेगा रोहित शर्मा के भविष्य पर फैसला? तारीख आई सामनेशमी ने फिटनेस को लेकर दिया जवाबमोहम्मद शमी पिछले कुछ समय से अपनी फिटनेस को लेकर सवालों के घेरे में रहे हैं. मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर भी उनकी फिटनेस को लेकर बयान दे चुके हैं. अगरकर ने शमी के लंबे प्रारूप के लिए पूरी तरह तैयार होने को लेकर सवाल उठाए थे. हालांकि दिलीप ट्रॉफी में शमी के प्रदर्शन ने काफी हद तक इन सवालों का जवाब दिया है. चार दिवसीय मुकाबलों में शमी लगातार गेंदबाजी करते नजर आए हैं. उन्होंने दो मुकाबले खेलकर अपनी फिटनेस साबित करने के साथ गेंद से भी प्रभावित किया है.दिलीप ट्रॉफी का फाइनल बन सकता है शमी के लिए 'ब्रेकथ्रू'मोहम्मद शमी के लिए अब सबसे अहम मुकाबला दिलीप ट्रॉफी का फाइनल हो सकता है. ईस्ट जोन की तरफ से खेल रहे शमी 6 सितंबर से 10 सितंबर तक होने वाले फाइनल मुकाबले में मैदान पर उतरेंगे और इस मैच में उनके प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं की पैनी नजर रहने की उम्मीद है. यह मुकाबला शमी की टीम इंडिया में वापसी के लिहाज से 'ब्रेकथ्रू मैच' साबित हो सकता है. शमी पहले ही दिलीप ट्रॉफी के दो मुकाबले खेलकर अपनी मैच फिटनेस का संकेत दे चुके हैं. अब अगर वह फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी प्रभावशाली गेंदबाजी करते हैं और लंबे स्पेल डालकर अपनी फिटनेस साबित करते हैं तो वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती है.खास तौर पर चयनकर्ताओं के लिए शमी के प्रदर्शन को नजरअंदाज करना मुश्किल हो सकता है. अगर अनुभवी तेज गेंदबाज दिलीप ट्रॉफी के फाइनल में विकेट निकालने के साथ अपने वर्कलोड को भी अच्छी तरह संभालते हैं तो उनके चयन को लेकर चयन समिति पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में शमी के वनडे टीम में लौटने की संभावनाएं पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएंगी.अनुभव बन सकता है शमी की वापसी का रास्तावेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज ऐसे समय पर हो रही है जब भारतीय टीम के कई नियमित तेज गेंदबाज उपलब्ध नहीं होंगे. ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने अनुभव और युवा गेंदबाजों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी. मोहम्मद सिराज भारतीय पेस अटैक का नेतृत्व कर सकते हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार भी चयन की रेस में हैं. चौथे तेज गेंदबाज के विकल्प के तौर पर शमी का नाम चयनकर्ताओं के सामने आ सकता है.शमी के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है और वह बड़े मुकाबलों में भारत के लिए मैच विनर साबित हो चुके हैं. दिलीप ट्रॉफी में उनकी मौजूदा फिटनेस और फॉर्म को देखते हुए अब उनके लिए वनडे टीम का दरवाजा दोबारा खुल सकता है. ऐसे में 6 से 10 सितंबर के बीच होने वाला दिलीप ट्रॉफी फाइनल सिर्फ ईस्ट जोन के लिए ही अहम नहीं होगा, बल्कि मोहम्मद शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. अगर शमी फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हैं तो वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उनकी टीम इंडिया में वापसी का दावा और मजबूत हो जाएगा.यह भी पढ़ें- PCB ने कब्जे में लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों के फोन, मैच फिक्सिंग की लगी भनक? उठे सवाल