Gas Stove Flame: नीली से पीली हो गई गैस चूल्हे की लौ, न करें नजरअंदाज

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Why Gas Stove Flame Turns Yellow Or Red: गैस चूल्हे पर खाना बनाते समय अगर आपने कभी ध्यान दिया हो कि उसकी लौ पहले नीली थी, लेकिन अब पीली या लाल दिखाई देने लगी है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें. गैस की लौ का रंग सिर्फ चूल्हे की सफाई या उसकी खूबसूरती से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी हो सकता है कि गैस सही तरीके से नहीं जल रही.आमतौर पर LPG गैस साफ और सही तरीके से जलती है, तो लौ नीली दिखाई देती है. इसका मतलब है कि गैस को जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन मिल रही है और दहन ठीक तरह से हो रहा है. वहीं, पीली या लाल लौ इस बात का संकेत हो सकती है कि गैस पूरी तरह नहीं जल रही है. ऐसी स्थिति में चूल्हे को लगातार इस्तेमाल करते रहना ठीक नहीं है, क्योंकि अधूरा दहन कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी खतरनाक गैस पैदा कर सकता है. इसके अलावा, पीली लौ से बर्तन के नीचे कालिख भी जम सकती है और गैस की खपत बढ़ सकती है.गैस की लौ पीली क्यों हो जाती है?गैस चूल्हे की लौ का रंग बदलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम वजह बर्नर में जमा गंदगी होती है. खाना बनाते समय तेल, मसाले, धूल और खाने के छोटे कण बर्नर के छोटे-छोटे छेदों में जमा हो सकते हैं. इससे गैस और हवा का सही मिश्रण प्रभावित होता है और लौ नीली के बजाय पीली दिखाई देने लगती है. कई बार गैस और हवा का अनुपात सही न होने पर भी ऐसा हो सकता है. गैस को पूरी तरह जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन चाहिए. अगर हवा कम मिल रही है, तो दहन अधूरा रह सकता है. गैस का कम दबाव, गैस की सप्लाई में किसी तरह की समस्या या चूल्हे के किसी हिस्से की गलत फिटिंग भी लौ का रंग बदल सकती है.पीली लौ से कालिख क्यों जमती है?अगर चूल्हे की लौ पीली है और कुछ समय बाद बर्तन के नीचे काले निशान दिखाई देने लगें, तो इसे भी चेतावनी के तौर पर लें. अधूरे दहन से कालिख बन सकती है, जो बर्तन के नीचे जमा होती है. कालिख सिर्फ बर्तनों को गंदा नहीं करती, बल्कि यह संकेत देती है कि गैस ठीक तरह से नहीं जल रही. ऐसी स्थिति में चूल्हे की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है और सामान्य से ज्यादा गैस खर्च हो सकती है.सबसे पहले बर्नर की सफाई करेंअगर लौ का रंग अचानक बदल गया है, तो सबसे पहले गैस बंद करें और चूल्हे को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद बर्नर के हटाए जा सकने वाले हिस्सों को निकालकर साफ करें. गर्म पानी और हल्के साबुन की मदद से जमा तेल और गंदगी हटाई जा सकती है. बर्नर के छोटे छेदों में गंदगी फंसी हो, तो उन्हें सावधानी से साफ करें. किसी नुकीली चीज से छेद को बड़ा या नुकसान न पहुंचाएं. सफाई के बाद सभी हिस्सों को अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. बर्नर में पानी या नमी रह जाने पर गैस जलाने में परेशानी हो सकती है.गैस की सप्लाई और रेगुलेटर भी जांचेंअगर बर्नर साफ करने के बाद भी लौ पीली या लाल बनी हुई है, तो समस्या सिर्फ बर्नर में नहीं हो सकती. गैस का दबाव या सप्लाई भी इसकी वजह हो सकती है. ऐसी स्थिति में गैस की पाइप, रेगुलेटर और दूसरे कनेक्शन को खुद खोलकर या उनमें बदलाव करने के बजाय किसी योग्य गैस तकनीशियन से जांच करवाना बेहतर है. गैस से जुड़े हिस्सों के साथ प्रयोग करना जोखिम भरा हो सकता है.चूल्हे के आसपास हवा का ध्यान रखेंगैस की लौ पर तेज हवा का असर भी पड़ सकता है. अगर चूल्हा खिड़की, दरवाजे या तेज हवा आने वाली जगह के पास रखा है, तो लौ अस्थिर हो सकती है. इसके साथ ही, खाना बनाते समय रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन होना जरूरी है. हवा आने-जाने के रास्ते बंद न रखें, ताकि दहन के दौरान पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहे.इसे भी पढ़ें- Home Cleaning Tips: खिड़की बंद फिर भी घर में जमती है धूल? 1 ट्रिक से रखें डस्ट फ्रीकब एक्सपर्ट की मदद लें?अगर बर्नर साफ करने के बाद भी लौ लगातार पीली या लाल दिखाई दे, बर्तन के नीचे कालिख जमती रहे या गैस जलने की स्थिति सामान्य न लगे, तो चूल्हे का इस्तेमाल जारी न रखें और योग्य तकनीशियन से जांच करवाएं. खासकर अगर गैस की गंध भी महसूस हो रही हो, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें. गैस की सप्लाई बंद करके सुरक्षित तरीके से बाहर निकलें और जरूरत पड़ने पर संबंधित गैस सेवा या प्रशिक्षित तकनीशियन से मदद लें.इसे भी पढ़ें- Toilet Cleaner: कमोड में डालें 1 घरेलू टैबलेट, मिनटों में चमक जाएगा टॉयलेट