छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा कि पिता के नाम पंजीकृत वाहन चलाने वाला मृतक कानूनन मालिक माना जाएगा। उसके वारिस बीमा कंपनी से धारा 163-ए में मुआवजा नहीं मांग सकते।