भारत सरकार की ओर से बीते सप्ताह चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी किए जाने के बाद उनकी गणना पद्धति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. कई विशेषज्ञों के मुताबिक़ भारत में अब भी काफ़ी आर्थिक असमानता है.