इम्तियाज और नाजमा ने एक-दूसरे की परिस्थितियों और संघर्ष को समझते हुए शादी का फैसला किया। इम्तियाज ने जयपुर से मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लेकर अपना कारोबार शुरू किया और आत्मनिर्भर बने। परिवारों की सहमति से दोनों का निकाह हुआ।