अब शासन को चार सप्ताह में जवाब देना है। उसके पक्ष और रिकार्ड के परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित वसूली कानूनी कसौटी पर कितनी टिकती है।