Salman Khan Weight Loss: बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की सेहत और उनके बदले हुए लुक को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही थी. हाल ही में एक कार्यक्रम से सामने आए वीडियो में सलमान पहले की तुलना में काफी दुबले दिखाई दिए थे. उनका वजन कम देखकर कई फैंस ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई. अब सलमान खान ने खुद इस बदलाव की वजह बताई है. अभिनेता के मुताबिक उन्होंने जानबूझकर 16 किलो वजन कम किया है और यह बदलाव उनकी फिटनेस जर्नी का हिस्सा है.सलमान खान ने अपने भाई सोहेल खान के साथ बातचीत के दौरान अपने वजन घटाने के बारे में खुलकर बात की. इस दौरान दोनों भाइयों के बीच फिटनेस और वजन को लेकर चर्चा हुई. सोहेल ने बताया कि उन्होंने 12 किलो वजन कम किया है. इसी बातचीत में सलमान ने अपनी फिटनेस का अपडेट देते हुए कहा कि वह 16 किलो वजन कम कर चुके हैं.सलमान खान ने घटाया 16 किलो वजनसलमान ने बातचीत के दौरान कहा, "I am down 16 kg." यानी वह अब तक अपना 16 किलो वजन कम कर चुके हैं. सलमान के इस खुलासे के बाद उन फैंस को भी जवाब मिल गया है, जो पिछले कुछ दिनों से उनके अचानक दुबले दिखने को लेकर परेशान थे.सलमान ने यह भी बताया कि उनकी फिटनेस जर्नी अभी पूरी नहीं हुई है. वह अपने टारगेट वेट तक पहुंचने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. आने वाले प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को देखते हुए भी वह अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं.वजन कम करते समय क्या रखें ध्यानसाकेत, नई दिल्ली स्थित 'न्यूट्रि एक्टिवानिया' की संस्थापक डाइटीशियन अवनी कौल के अनुसार, 60 की उम्र के बाद वजन कम करने का तरीका युवावस्था जैसा नहीं होना चाहिए. इस उम्र में बहुत से लोग वजन घटाने के लिए केवल वेट मशीन पर दिखने वाले नंबर पर ध्यान देते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह तरीका सही तस्वीर नहीं दिखाता. बढ़ती उम्र में असली लक्ष्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि शरीर की अतिरिक्त चर्बी घटाते हुए मसल्स को बचाए रखना होना चाहिए.इसे भी पढ़ें: Copper T Pregnancy: कॉपर टी के बावजूद हो गई प्रेग्नेंसी, जानें कितना है खतरा?उम्र बढ़ने के साथ शरीर का मेटाबॉलिज्म स्वाभाविक रूप से धीमा होने लगता है. ऐसे में तेजी से वजन घटाने के लिए बहुत कम कैलोरी लेना नुकसान पहुंचा सकता है. इससे फैट के साथ मसल्स भी कम हो सकती हैं. मसल्स कम होने से शरीर की ताकत घट सकती है, मेटाबॉलिज्म और धीमा हो सकता है और गिरने या हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए 60 के बाद बॉडी फैट कम करने के साथ मसल्स को बनाए रखने पर ध्यान देना जरूरी है.स्ट्रेंथ ट्रेनिंग क्यों है जरूरी?हेल्दी एजिंग में एक्सरसाइज की अहम भूमिका होती है. खासतौर पर रेजिस्टेंस या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मसल्स को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकती है. एक्सपर्ट्स सप्ताह में कम से कम दो से तीन बार धीरे-धीरे क्षमता के अनुसार रेजिस्टेंस एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं.इसके लिए वेट लिफ्टिंग, रेजिस्टेंस बैंड, बॉडीवेट एक्सरसाइज या मशीन की मदद से की जाने वाली एक्सरसाइज को शामिल किया जा सकता है. 6,000 से ज्यादा बुजुर्गों पर आधारित एक सिस्टमैटिक रिव्यू में भी रेजिस्टेंस ट्रेनिंग से मसल्स की ताकत, मसल मास और शारीरिक प्रदर्शन में सुधार पाया गया, खासकर जब इसके साथ सही पोषण भी लिया गया. इसके अलावा मध्यम तीव्रता वाली कार्डियो एक्सरसाइज को शामिल करने से दिल की सेहत बेहतर रखने और फैट कम करने में मदद मिल सकती है.डाइट पर भी देना होगा ध्यान60 की उम्र के बाद डाइट की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है. उम्र से जुड़ी मसल्स की कमी को सार्कोपीनिया कहा जाता है. इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है. ऐसे में बहुत कम खाना या बेहद सख्त डाइट अपनाना सही नहीं है, क्योंकि इससे मसल्स और तेजी से कम हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार बुजुर्गों को आमतौर पर रोजाना शरीर के प्रति किलो वजन के हिसाब से करीब 1.0 से 1.2 ग्राम प्रोटीन की जरूरत हो सकती है. हालांकि किसी बीमारी की स्थिति में इसकी मात्रा डॉक्टर या डायटिशियन की सलाह के अनुसार तय होनी चाहिए. डाइट में अंडे, मछली, चिकन, डेयरी प्रोडक्ट्स, सोया, दालें और लीन मीट जैसे प्रोटीन के स्रोत शामिल किए जा सकते हैं. इसके अलावा फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट लें और शरीर को हाइड्रेट रखें.इसे भी पढ़ें: Relationship Cheating: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अचानक हुई गलती नहीं, जानें क्या कहती है रिसर्चDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.