जसप्रीत बुमराह और उनका वर्कलोड आए दिन चर्चा में बना रहता है. बुमराह का गेंदबाजी एक्शन ऐसा है, जिसके कारण उन्हें बार-बार कमर में समस्या आती रहती है. फिलहाल बुमराह घुटने की चोट से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर होना पड़ा है. इसी बीच भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज करसन घारवी का कहना है कि बुमराह को एक साल के लिए आराम दे दिया जाना चाहिए.बुमराह पहले भी कई बड़े टूर्नामेंट्स को मिस करते रहे हैं. अब अगले सभी टेस्ट मैच WTC फाइनल की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होंगे. ऐसे में बुमराह की फिटनेस, उनके साथ-साथ टीम इंडिया के भविष्य को भी सवाल के घेरे में खड़ा कर रही है. दूसरी ओर अगले साल वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है, उससे पहले बुमराह चोटिल होते रहेंगे तो भारतीय गेंदबाजी अटैक कमजोर पड़ जाएगा.बुमराह को एक साल के लिए बाहर कर दोमिड-डे के अनुसार पूर्व तेज गेंदबाज करसन घारवी ने कहा, "बुमराह को 5-6 महीने या फिर एक साल के लिए ब्रेक पर चले जाना चाहिए, जिससे 100 प्रतिशत फिर हो सकें. समस्या यह है कि वो पूरी तरह फिट ना होकर भी मैचों में खेलते हैं, फिर वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण बीच में ही दिक्कत आ जाती है."उन्होंने कहा कि बुमराह को जबरदस्ती टीम में रखना अनावश्यक है. वे अगर अपना वर्कलोड एकदम सही से मैनेज कर पाते हैं, तभी उन्हें टीम में रखा जाना चाहिए.यह भी पढ़ें: IPL 2027 से पहले इन 3 खिलाड़ियों को रिलीज कर सकती है RCBशमी और भुवी को लाओकरसन घारवी ने मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार के सपोर्ट में आते हुए कहा कि वे दोनों बिना किसी इंजरी के IPL में लगातार गेंदबाजी करते रहे हैं. उनकी नेशनल टीम में जरूर वापसी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सेलेक्टर्स को शमी और भुवी को टीम इंडिया में वापसी का चांस जरूर देना चाहिए.मोहम्मद शमी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद टीम इंडिया में वापस नहीं लौटे हैं. वहीं भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच 2022 में खेला था. हालांकि करसन घारवी का बयान भुवनेश्वर के विचारों से उलट हो सकता है, क्योंकि भुवनेश्वर ने हाल ही में बयान दिया है कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अब टीम इंडिया में वापसी करना नहीं है. वे क्रिकेट के प्रति प्यार के कारण ही IPL और डोमेस्टिक क्रिकेट खेल रहे हैं.यह भी पढ़ें:रिटायरमेंट के बाद रहाणे का तीखा बयान, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर कह गए बड़ी बात