जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ता वाटर रिटेंशन का रिस्क:चेहरे और बॉडी में सूजन, डॉक्टर से समझें इसका साइंस, कम करने के 9 टिप्स

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बारिश शुरू होते ही लोग चाय के साथ पकौड़े, चिप्स और नमकीन ज्यादा खाने लगते हैं। बारिश के कारण बाहर निकलना भी कम हो जाता है। इससे रोज की फिजिकल एक्टिविटी घट जाती है। खानपान और रूटीन में आए ये बदलाव शरीर में वाटर रिटेंशन बढ़ा सकते हैं। दरअसल, ज्यादा नमक वाला खाना शरीर में पानी रोकता है। वहीं कम फिजिकल एक्टिविटी भी सूजन और भारीपन जैसी दिक्कतें बढ़ा सकती है। ऐसे में वाटर रिटेंशन के कारणों और इसके संकेतों को समझना जरूरी है, ताकि समय रहते इसे कंट्रोल किया जा सके। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि किन आदतों से वाटर रिटेंशन बढ़ता है? साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. एम.के. सिंह, डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सवाल- वाटर रिटेंशन क्या होता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- मानसून में वाटर रिटेंशन की समस्या क्यों बढ़ जाती है? जवाब- मानसून में ज्यादा ह्यूमिडिटी शरीर के फ्लूइड बैलेंस को प्रभावित कर सकती है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या यह समस्या सिर्फ इसी मौसम में बढ़ती है? जवाब- नहीं, वाटर रिटेंशन किसी भी मौसम में हो सकता है। हालांकि मानसून में नमी, कम फिजिकल एक्टिविटी, ज्यादा नमक वाला खाना और कम पानी पीने जैसी वजहों से यह समस्या बढ़ जाती है। सवाल- कैसे पता चलेगा कि शरीर में वाटर रिटेंशन हो रहा है? जवाब- जब शरीर में अतिरिक्त फ्लूइड जमा होने लगता है, तो कुछ साफ संकेत दिखने लगते हैं। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए- सवाल- शरीर के किन हिस्सों में सबसे ज्यादा सूजन दिखती है? जवाब- वाटर रिटेंशन में सूजन आमतौर पर उन हिस्सों में ज्यादा दिखती है, जहां फ्लूइड जमा होना आसान होता है या ब्लड सर्कुलेशन धीमा होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को वाटर रिटेंशन का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- इन्हें वाटर रिटेंशन का रिस्क ज्यादा होता है- सवाल- खाने की कौन-सी चीजें वाटर रिटेंशन का रिस्क बढ़ाती हैं? जवाब- कुछ फूड्स शरीर में सोडियम बढ़ा देते हैं। इससे वाटर रिटेंशन बढ़ता है। ग्राफिक में ऐसे फूड्स की लिस्ट देखिए- सवाल- कौन-से फूड्स नेचुरल डाइयूरेटिक की तरह काम करते हैं? जवाब- कुछ नेचुरल डाइयूरेटिक्स फूड्स (ऐसे फूड/ड्रिंक्स जो यूरिन फ्रीक्वेंसी बढ़ाते हैं) वाटर रिटेंशन कम करने में मदद करते हैं। ग्राफिक में इनकी लिस्ट देखिए- ध्यान दें, नेचुरल डाइयूरेटिक्स सहायक हो सकते हैं, लेकिन ये इलाज का विकल्प नहीं हैं। अगर सूजन बार-बार हो रही है या ज्यादा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सवाल- ये फूड कैसे मददगार होते हैं? जवाब- नेचुरल डाइयूरेटिक फूड्स वाटर रिटेंशन को कई तरीकों से कम करने में मदद करते हैं। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- अगर वाटर रिटेंशन हो रहा है तो मानसून में कौन से ड्रिंक्स नहीं पीने चाहिए? जवाब- वॉटर रिटेंशन होने पर ज्यादा नमक, शुगर या अल्कोहलिक ड्रिंक्स को अवाॅइड करना बेहतर है, जैसेकि- क्यों कम करें? सवाल- वाटर रिटेंशन कम करने के लिए डाइट प्लान क्या होना चाहिए? जवाब- इसके लिए बैलेंस्ड डाइट जरूरी है। पूरा डाइट प्लान देखिए- टिप: नमक कम रखें, प्रोसेस्ड फूड से बचें और दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। सवाल- लाइफस्टाइल में ओवरऑल कौन-से बदलाव करके वाटर रिटेंशन को कम किया जा सकता है? जवाब- राेजमर्रा की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके वाटर रिटेंशन के रिस्क से काफी हद तक बचा जा सकता है। ग्राफिक में सभी टिप्स देखिए- सवाल- सामान्य सूजन और मेडिकल इमरजेंसी वाली सूजन में फर्क कैसे समझें? कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं? जवाब- पॉइंटर्स में दोनों का फर्क देखिए- सामान्य सूजन के संकेत इमरजेंसी के संकेत कब डॉक्टर के पास जाएं? सवाल- क्या वाटर रिटेंशन किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है? जवाब- हां, यह शरीर में किसी इंटरनल हेल्थ प्रॉब्लम का संकेत भी हो सकता है। जैसेकि- …………………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट:जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे? इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। शरीर फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसे ‘वाटर वेट’ कहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…