दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने राजधानी की समृद्ध विरासत, कला और डिजाइन परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और पर्यटन सचिव भी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य दिल्ली की सांस्कृतिक और कलात्मक खूबियों को नागरिकों के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना था। एलजी संधू ने कहा कि संस्कृति और विरासत केवल संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा नागरिक पहचान विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने नागरिकों, कलाकारों और युवाओं को जोड़कर समावेशी मंच तैयार करने पर जोर दिया। बैठक में दुनिया के प्रमुख महानगरों की तर्ज पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए दिल्ली में आइकोनिक वैश्विक सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव भी दिया गया। इससे पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय कलाकारों और कारोबारियों को नए अवसर मिलेंगे। नाइट कल्चर को बढ़ावा देने पर जोरएलजी ने दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए नाइट कल्चर को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय कलाकारों, परफॉर्मर्स और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। दिल्ली को देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों का संगम बताते हुए उन्होंने शहर के विविध इतिहास को सामने लाने वाली हेरिटेज वॉक और जन-केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। डीडीए की खाली जमीनों का होगा उपयोगएलजी ने डीडीए को अपने अधिकार क्षेत्र की खाली जमीनों और सार्वजनिक स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए, ताकि वहां कला प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक आयोजनों और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा सके। संबंधित विभागों को इन प्रस्तावों पर ठोस कार्ययोजना तैयार कर आने वाले महीनों में उन्हें लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।