इन हमलों में करोड़ों रुपये की अनधिकृत निकासी के मामले सामने आए हैं। साइबर अपराधी पुराने और अपडेट नहीं किए गए सॉफ्टवेयर तथा इंटरनेट से जुड़े कमजोर सर्वर और IT सिस्टम को निशाना बनाते हैं।