इच्छुक और पात्र अग्निवीरों को प्रदर्शन एवं निर्धारित मानकों के आधार पर नियमित सेना में शामिल होने का भी मौका मिल सकता है। रक्षा सचिव ने इसे अग्निवीरों और सेना, दोनों के लिए विन-विन सॉल्यूशन बताया है।