Firecracker Safety for Patients: पटाखों से दूर रहे यह लोग, जानलेवा हो सकता है इसका धुआं

Wait 5 sec.

दिवाली पर पटाखे जलाने और आतिशबाजी देखने का उत्साह हर तरफ दिखाई देता है. लेकिन इनसे निकलने वाला धुआं सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होता है. पटाखों के धुएं में मौजूद बारीक कण और हानिकारक गैसें सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर फेफड़ों और दिल को प्रभावित करती हैं. कुछ लोगों के लिए इसका असर ज्यादा गंभीर होता है. इसलिए दिवाली पर पटाखों से इन पांच तरह के लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए.अस्थमा और फेफड़ों के मरीजजिन लोगों को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या सीओपीडी जैसी पुरानी बीमारियां हैं, उन्हें पटाखों के धुएं से दूर रहना चाहिए. धुएं में मौजूद प्रदूषक सांस की नलियों में जलन और सूजन बढ़ाते हैं. इससे खांसी, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी होती है. कुछ मामलों में अस्थमा का दौरा भी पड़ सकता है. ऐसे मरीजों को पटाखे जलाने वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए.गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चेगर्भवती महिलाओं को भी पटाखों के धुएं से बचने की सलाह दी जाती है. इसमें मौजूद प्रदूषक और कुछ भारी धातुओं के संपर्क को गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए नुकसानदायक माना जाता है. वहीं, छोटे बच्चों के फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं और वे तेजी से सांस लेते हैं. इस वजह से प्रदूषण के बारीक कण उनके शरीर में पहुंचते हैं. धुएं से बच्चों को खांसी, गले में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है. इसलिए बच्चों को आतिशबाजी वाली जगहों से दूर रखें.यह भी पढ़ें : Meat Consumption: क्या एक उम्र के बाद नॉनवेज छोड़ना ठीक है, क्या है सच्चाई? दिल के मरीज और बुजुर्गपटाखों से निकलने वाले बारीक कण PM2.5 और PM10 दिल के मरीजों के लिए भी परेशानी बढ़ाते हैं. इनके संपर्क में आने से शरीर में सूजन और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याएं होती हैं. गंभीर मामलों में हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है. बुजुर्गों को भी धुएं से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ फेफड़ों की कार्यक्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती जाती है. ऐसे में उन्हें सांस लेने में परेशानी होने का खतरा रहता है.धुएं से बचने के लिए क्या करें?दिवाली के दौरान घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. संभव हो तो कमरे में  एयर प्यूरीफायर चलाएं. पटाखे जलाने वाली जगहों पर जाने और धुएं के बीच ज्यादा देर तक रहने से बचें. बाहर निकलना जरूरी हो तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें, यह पूरी सुरक्षा नहीं देता. सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.यह भी पढ़ें : Best Pillow for Neck Pain: गर्दन में रोज होता है दर्द, डॉक्टर नहीं तकिया बदलिए, ये है वजह *Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें*