भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, उनका जीवन दर्शन और उपदेश सदियों से पांडुलिपियों के पन्नों पर सहेजे जाते रहे हैं। कहीं संस्कृत के श्लोकों में उनके जन्म और बाल लीलाओं का वर्णन है तो कहीं स्वर्ण और रजत रंगों से उनके जीवन प्रसंगों को चित्रों में उकेरा गया है।