अमेरिका ने चंडीगढ़ के एक कारोबारी दंपती, दो अन्य भारतीयों और उनसे जुड़ी 9 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन पर ईरान के 'गुप्त तेल जहाजों' (शैडो फ्लीट) को फर्जी तरीके से दूसरे देशों के झंडे और कागजात मुहैया कराने के आरोप हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, चंडीगढ़ निवासी सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद पर आरोप है कि वे फर्जी वेबसाइटों और संस्थाओं के जरिए ऐसे जहाजों को बिना मंजूरी के फ्लैग ऑफ कन्वीनिएंस के जरिए दूसरे देशों (जैसे गुयाना, मोजाम्बिक आदि) का रजिस्ट्रेशन दिलवाते थे, ताकि वे पकड़े बिना ईरानी तेल ले जा सकें। अमेरिका में इन सभी की संपत्तियां फ्रीज प्रतिबंध लगने के बाद अमेरिका में इन सभी की संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं और अमेरिकी नागरिकों व कंपनियों के साथ इनके किसी भी लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, ईरानी एयरलाइंस को मदद देने के आरोप में तुर्किये की एक कंपनी पर भी शिकंजा कसा गया है। 'फ्लैग ऑफ कन्वीनिएंस' (FOC) क्या है? जब कोई जहाज मालिक अपने जहाज को अपने देश के बजाय किसी दूसरे देश में रजिस्टर करवाता है, तो उसे 'फ्लैग ऑफ कन्वीनिएंस' कहते हैं। जहाज उसी दूसरे देश का झंडा लगाकर चलता है और उसी देश के कानून व नियम उस पर लागू होते हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 30 हजार भारतीय मजदूरों ने काम छोड़ा:इनके पास पूरे कागजात नहीं, पकड़े जाने का डर अमेरिका के कैलिफोनिया में करीब 30 हजार भारतीय मजदूरों को खेती का काम छोड़ना पड़ा है। इनमें से कई मजदूरों के पास अमेरिका में रहने और काम करने के पूरे कागजात नहीं हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…