दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल पर नियंत्रण के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अभियान तेज कर दिया है। द्वारका में 270 मिस्टिंग पोल लगाए गए हैं। वहीं, नरेला, उत्तरी और दक्षिणी जोन में 18 वाटर स्प्रिंकलर और चार एंटी स्मॉग गन तैनात की गई हैं। सड़कों की मशीनी सफाई के साथ पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है। डीडीए के मुताबिक, अभियान उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की निगरानी में चलाया जा रहा है। डीडीए के अनुसार, द्वारका में मिस्टिंग नेटवर्क बढ़ाकर 11.8 किलोमीटर किया गया है। सेक्टर-8 में तीन किलोमीटर के नए हिस्से में 66 पोल लगाए गए हैं। प्रत्येक पोल में 30 नोजल हैं। सिस्टम सुबह 7 से 11 और शाम 4 से 8 बजे तक हर घंटे 10 से 15 मिनट चलता है। नरेला में दो मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं। रोहिणी के सात सेक्टरों में 166 किलोमीटर सड़कों की एक दिन छोड़कर मशीनी सफाई हो रही है। द्वारका में सात अतिरिक्त वाटर स्प्रिंकलर के लिए टेंडर भी जारी किया गया है। कूड़ा जलाने और मलबा डालने पर निगरानी डीडीए ने जिला और सबडिवीजन स्तर पर विशेष टीमें बनाई हैं। ये खुले में कूड़ा जलाने और निर्माण मलबा डालने वालों पर नजर रखेंगी। निर्माण सामग्री को हरे जाल से ढकने के निर्देश हैं। प्रदूषण संबंधी ऐप पर मिलने वाली शिकायतों की भी निगरानी होगी। 21.24 लाख पौधे लगाए, 143 एकड़ में हरियाली डीडीए ने चालू वित्त वर्ष में 21.24 लाख से अधिक पौधे लगाए हैं। पार्कों के 143 एकड़ खाली हिस्सों में घास लगाई गई है। सड़कों के किनारे आठ किलोमीटर क्षेत्र में हरियाली विकसित की गई है। उत्तरी जोन के विकास मीनार पर एक और दक्षिणी जोन में तीन स्थायी एंटी स्मॉग गन लगाई गई हैं।