साल 2013 में सामने आए टाइपिंग एवं स्टेनोग्राफी परीक्षा घोटाले की जांच 13 साल बाद भी अधूरी है। करीब 2,947 संदेहियों में एसटीएफ अब तक केवल 252 लोगों की ही जांच कर चालान पेश कर सकी है।