कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जब मानसून के दौरान वर्षा का अंतराल बढ़ता है और तापमान तथा उमस में इजाफा होता है, तो धान की फसल में इल्ली और अन्य हानिकारक कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है।