भारतीय टीम के साथ इंदौर के पवन कारपेंटर फिजियोथेरेपिस्ट थे जबकि जबलपुर के कल्पेश ठक्कर प्रशिक्षक तथा श्रुति सोनी ने भी फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका निभाई।