सभी परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पर निर्भरता नहीं रहेगी। प्रस्तावित नेटवर्क से सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट टर्मिनल और औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।