‘मुर्दों से नहीं, जिंदा इंसानों से डर लगता है।’ करीब एक हजार पोस्टमार्टम कर चुकीं दुर्ग जिले की डॉ. अंकिता खंडेलवाल की यह बात उनके पेशे के प्रति बदले नजरिए को बयां करती है।