छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थानीय किसानों को यूरिया खाद के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कृषि केंद्रों के संचालक बिना दस्तावेजों के थोक में खाद ओडिशा और बस्तर के तस्करों को बेच रहे हैं। सरकारी नियम और पॉश मशीनें केवल मजबूर किसानों के लिए कागजी साबित हो रही हैं, जिससे कालाबाजारी तेजी से बढ़ रही है।