राज्य सरकार की इस पहल के बाद नवदुनिया ने वेबसाइट में दर्ज जिले के 10 रेस्ट हाउसों में से तीन की व्यवस्थाओं का ग्राउंड रियलिटी चेक किया, तो तस्वीर एक जैसी नहीं मिली।