पानी साफ करने के लिए नगर पंचायत ने प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसी दौरान गैस लीक होने से कई कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।