छत्तीसगढ़ में प्रति गोशाला 25 लाख रुपये के वार्षिक सरकारी अनुदान के बावजूद अव्यवस्थाओं के कारण गोवंश की मौतें हो रही हैं। क्षमता से अधिक मवेशियों को रखने और चारा-पानी तथा जल निकासी की सही व्यवस्था न होने से रायपुर और बिलासपुर में कई मवेशियों की जान चली गई।