23 अगस्त 2026 को करीब 7:30 बजे दोनों आरोपित फरियादी के घर पहुंचे। घर पर फरियादी और उसकी बेटी वेस्ती मौजूद थे। आरोपितों ने जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाते हुए उनके ऊपर लोटे का पानी छिड़का।