चीनी की बढ़ती कीमतों ने जहां आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है वहीं, उद्योग संगठनों का कहना है कि घबराने जैसी स्थिति नहीं है। घरेलू स्टॉक, संभावित आयात और नई पेराई शुरू होने के बाद सप्लाई बढ़ने से आने वाले महीनों में चीनी की कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।