मौसम बदलने के साथ सर्दी, खांसी और बुखार जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं. H1N1 फ्लू में भी ऐसे ही कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं. लेकिन हर मरीज में बीमारी की गंभीरता एक जैसी नहीं होती. डॉक्टर H1N1 और दूसरी सांस की बीमारियों में लक्षणों को समझने के लिए ILI और SARI जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. ILI का मतलब Influenza Like Illness और SARI का मतलब Severe Acute Respiratory Infection है. दोनों में कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन SARI में सांस से जुड़ी परेशानी ज्यादा गंभीर हो सकती है. इसलिए इनके बीच का फर्क समझना जरूरी है.ILI क्या होता हैILI यानी Influenza Like Illness में मरीज को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इसमें अचानक बुखार आना, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसी परेशानी हो सकती है. कुछ लोगों को नाक बहने या बंद होने की समस्या भी हो सकती है. ILI के लक्षण होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि व्यक्ति को H1N1 ही है, कई दूसरी वायरल बीमारियों में भी ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं.SARI में क्या होता हैSARI यानी Severe Acute Respiratory Infection में सांस से जुड़ी परेशानी ज्यादा गंभीर हो सकती है. इसमें खांसी और बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ, सांस फूलना या ऑक्सीजन का स्तर कम होना जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए..खासकर अगर मरीज की हालत तेजी से बिगड़ रही हो तो उसे जल्द डॉक्टर को दिखाना जरूरी है.यह भी पढ़े : H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं...ICMR बोला- घबराने की जरूरत नहींदोनों में सबसे बड़ा अंतर क्या हैILI में आमतौर पर फ्लू जैसे लक्षण होते हैं और हर मरीज की हालत गंभीर हो, यह जरूरी नहीं है. वहीं SARI में सांस से जुड़ी गंभीर समस्या सामने आ सकती है. आसान भाषा में कहें तो ILI में फ्लू जैसे लक्षण ज्यादा प्रमुख होते हैं, जबकि SARI में सांस की परेशानी ज्यादा गंभीर हो सकती है. इसी वजह से SARI को ज्यादा गंभीर स्थिति माना जाता है और इसमें मेडिकल जांच की जरूरत पड़ सकती है.H1N1 में कब सावधान होना चाहिएअगर बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगे, सीने में दर्द हो, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो या मरीज की हालत तेजी से खराब हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू गंभीर होने का खतरा ज्यादा हो सकता है. ऐसे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.लक्षण देखकर खुद इलाज न करेंILI और SARI के लक्षणों में कुछ समानता होने की वजह से सिर्फ लक्षण देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति को H1N1 है या कोई दूसरी बीमारी. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच और टेस्ट की सलाह दे सकते हैं. इसलिए तेज बुखार, खांसी या सांस की परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय सही समय पर मेडिकल सलाह लेना जरूरी है.यह भी पढ़े : घर में किसी को H1N1 है तो बाकी लोग कैसे बचें? इन बातों का रखें ध्यान