आज कल निसंतानता की समस्या बढ़ रही है ऐसे में बच्चा चाहने वाले कई पति-पत्नी IVF का सहारा लेते हैं. इसमें काफी खर्च होता है और ये IVF का खर्च भी कई परिवारों के लिए बड़ी समस्या होती है।.IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन की मदद से उन दंपतियों को माता-पिता बनने का मौका मिल सकता है, जिन्हें गर्भधारण करने में परेशानी होती है’. लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में इसका खर्च काफी ज्यादा होता है ऐसे में भोपाल में शुरू हुआ सरकारी IVF सेंटर जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत की खबर है. यहां निजी सेंटरों की तुलना में कम खर्च में IVF इलाज मिलने की उम्मीद है. आइए जानते हैं इस सेंटर से जुड़ी खास बातेंभोपाल में शुरू हुआ सरकारी IVF सेंटरभोपाल के AIIMS में सरकारी IVF सेंटर की सुविधा शुरू की गई है. इसे मध्य प्रदेश का पहला सरकारी IVF सेंटर बताया जा रहा है. यहां IVF से जुड़ी जरूरी जांच और इलाज की सुविधा एक ही जगह पर देने की कोशिश की गई है. सरकारी सेंटर शुरू होने से उन परिवारों को फायदा मिल सकता है, जो ज्यादा खर्च की वजह से निजी अस्पतालों में IVF नहीं करा पाते.निजी क्लीनिक में 4 लाख तक खर्चIVF का खर्च हर अस्पताल और हर मरीज के लिए एक जैसा नहीं होता. इलाज की जरूरत, दवाइयों और दूसरी प्रक्रियाओं के हिसाब से खर्च बढ़ या घट सकता है. निजी क्लीनिक में IVF के लिए कई मामलों में करीब 4 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है. ऐसे में कम आय वाले परिवारों के लिए यह रकम काफी बड़ी होती है. सरकारी सेंटर में कम कीमत पर इलाज मिलने से ऐसे परिवारों को काफी राहत मिल सकती है.यह भी पढ़े : शुगर पेशेंट घर के लिए एक महीने में कितनी चाहिए चीनी? नोट कर लें हिसाब किताबयहां करीब 75 हजार में इलाज की बातसरकारी IVF सेंटर में इलाज की लागत निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम रखे जाने की जानकारी सामने आई है. यहां IVF ट्रीटमेंट का खर्च करीब 75 हजार रुपये बताया जा रहा है, हालांकि मरीज की जरूरत और इलाज के दौरान होने वाले अतिरिक्त टेस्ट या दवाइयों के कारण अंतिम खर्च अलग हो सकता है. इसलिए इलाज शुरू करने से पहले सेंटर से पूरी फीस और इसमें शामिल सुविधाओं की जानकारी लेना जरूरी है.IVF के लिए आधुनिक सुविधाएंIVF इलाज के लिए सिर्फ डॉक्टर की सलाह ही नहीं, बल्कि कई तरह की लैब सुविधाओं की भी जरूरत होती है. सरकारी सेंटर में IVF से जुड़ी आधुनिक लैब और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं. यहां अंडाणु और शुक्राणु से जुड़ी प्रक्रिया के साथ भ्रूण को सुरक्षित रखने जैसी सुविधाएं भी जरूरी होती हैं. इससे मरीजों को इलाज के लिए अलग-अलग जगह जाने की परेशानी कम हो सकती है.किन लोगों के लिए मददगार होगा सेंटर?यह सेंटर उन दंपतियों के लिए मददगार हो सकता है, जिन्हें लंबे समय से गर्भधारण करने में परेशानी हो रही है और डॉक्टर ने IVF की सलाह दी है. खासकर ऐसे परिवार जो निजी अस्पतालों का ज्यादा खर्च नहीं उठा सकते, उनके लिए सरकारी सेंटर एक बेहतर विकल्प बन सकता है. हालांकि हर मरीज के लिए IVF जरूरी नहीं होता. डॉक्टर जांच के बाद ही तय करते हैं कि मरीज को किस तरह के इलाज की जरूरत है.यह भी पढ़े : घर में किसी को H1N1 है तो बाकी लोग कैसे बचें? इन बातों का रखें ध्यान