जम्मू कश्मीर के शोपियां की इंशा मुश्ताक़ की ज़िंदगी दस साल पहले पूरी तरह बदल गई जब पैलेट गन फ़ायरिंग में उनकी आँखों की रोशनी चली गई. बीबीसी ने उनसे मिलकर उनकी बदली ज़िंदगी और संघर्ष के बारे में जाना.