ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस समझौते का आधार दोनों राज्यों की बिजली मांग का पूरक स्वरूप है। मध्य प्रदेश में अक्टूबर से मार्च तक रबी सीजन के दौरान कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग बढ़ जाती है।