पहाड़ी जंगल की खामोशी में पिछले 48 घंटों से एक इंतजार चल रहा था। वन विभाग की टीम और ग्रामीण एक ही सवाल का जवाब तलाश रहे थे कि क्या मादा तेंदुआ अपने बिछड़े दो शावकों के पास लौटेगी?