चांद नगर परिषद की फायर ब्रिगेड बंद पड़ी थी, जबकि चौरई और बिछुआ से भी गाड़ियां देरी से आईं। दमकल सेवाओं की इस लापरवाही के बीच स्थानीय लोगों ने पानी के टैंकरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।