साइबर ठगी से मिली रकम एटीएम से निकालकर यूएसडीटी में बदली जाती थी। पुलिस के अनुसार यूएसडीटी टेलीग्राम ग्रुप के जरिए चीनी नागरिक तक पहुंचाई जाती थी।