अंततः राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने नोखेलाल परस्ते को अभिरक्षा में लेकर पकड़े जाने की तिथि से 30 दिवस की अवधि के लिए सिविल जेल में निरुद्ध करने का आदेश पारित किया है।