कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन पर 715 से 820 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार हुआ। इसमें 650 करोड़ तक की राखियां और 170 करोड़ रुपये तक के मिठाई, कपड़े, गहने व गिफ्ट पैक शामिल हैं। 'वोकल फॉर लोकल' के तहत स्वदेशी व हस्तनिर्मित राखियों की मांग से स्थानीय व्यापारियों, एमएसएमई और महिला समूहों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है।